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संस्कृत सप्ताह में गूंजी संस्कृत की स्वर लहरियां, वाद-विवाद और श्लोक अंताक्षरी ने बांधा समां

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मसूरी। लंढौर स्थित श्री सनातन धर्म संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय में संस्कृत सप्ताह के तीसरे दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में संस्कृतमय वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने वाद-विवाद और श्लोक अंताक्षरी सहित विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ अतिथियों ने मंगलमय स्वस्ति मंत्रों के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर किया। तीसरे दिन आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा के महत्व और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता पर अपने विचार रखे। वहीं, श्लोक अंताक्षरी में विद्यार्थियों ने संस्कृत के श्लोकों का सुंदर और प्रभावी उच्चारण कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष किरण त्रिपाठी रहीं। उन्होंने विद्यालय में संस्कृतमय वातावरण देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारत की प्राचीन और समृद्ध भाषा है। इसे सीखना हमारी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का भी माध्यम है। संस्कृत को देववाणी और वेदवाणी के रूप में जाना जाता है, इसलिए नई पीढ़ी को इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए आगे आना चाहिए। प्रभारी प्रधानाचार्य मीनाक्षी चौहान ने मुख्य अतिथि सहित सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि बढ़ती है और उन्हें अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर श्री प्रवीन बंधानी, श्री महेश तिवारी, श्री कैलाश चंद्र सती, कु. रितिका, श्री गौरव उनियाल सहित विद्यालय के समस्त कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के उत्साह ने विद्यालय परिसर को संस्कृत की मधुर ध्वनि से सराबोर कर दिया।