मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में स्थानीय महिलाओं और युवतियों की रचनात्मक प्रतिभा को नया मंच देने के उद्देश्य से आयोजित मेहंदी प्रतियोगिता-2026 उत्साह और उमंग के बीच संपन्न हुई। लग्जरी इन बाय स्टोट्राक में आयोजित इस प्रतियोगिता में शहर की महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक मेहंदी कला के साथ आधुनिक डिजाइनों का ऐसा संगम प्रस्तुत किया कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम का आयोजन हिना सनशाइन ब्यूटी पार्लर, स्टोट्राक होटल्स और रोटरी क्लब ऑफ मसूरी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल प्रतिभाओं को सम्मान देना नहीं, बल्कि स्थानीय महिलाओं को अपनी कला को पहचान दिलाने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना भी है। प्रतियोगिता में 46 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। किसी ने पारंपरिक राजस्थानी और अरेबिक डिज़ाइन उकेरे तो किसी ने आधुनिक फ्यूजन पैटर्न के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। मेहंदी की बारीक नक्काशी, संतुलित डिज़ाइन और कलात्मक प्रस्तुति ने निर्णायकों के साथ उपस्थित लोगों को भी प्रभावित किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला और एक-दूसरे की कलाकृतियों की सराहना का सिलसिला भी चलता रहा। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद प्रिया रावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। निहारिका दूसरे और सिमरा तीसरे स्थान पर रहीं। विजेताओं को स्मृति-चिह्न और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की भी सराहना की गई। प्रतियोगिता का मूल्यांकन अनुभवी निर्णायकों के पैनल ने किया। निर्णायक मंडल में श्रीमती किरण त्रिपाठी (अध्यक्षा, इनर व्हील क्लब), सुरभि रावत (चित्रकार एवं स्केच आर्टिस्ट) तथा मसूरी के प्रसिद्ध मेहंदी कलाकार रोहित राठौर और मनोज कुमार शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की डिज़ाइन की मौलिकता, रचनात्मकता, सफाई, संतुलन और कलात्मक प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं और युवतियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उनकी कला को पहचान दिलाने का माध्यम बनते हैं। भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकें। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि मेहंदी केवल एक परंपरा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की खूबसूरत कलाओं में से एक है और ऐसे आयोजन इस कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

