पहाड़ों की रानी मसूरी में वर्षों से बंद पड़े शरदोत्सव को फिर से शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। सोमवार को नगर पालिका सभागार में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स, होटल एसोसिएशन, होमस्टे संगठन, खेल संगठनों, रंगकर्मियों, लोक गायकों और कलाकारों ने भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर शरदोत्सव के आयोजन पर सहमति जताई। पालिका ने भी इसके आयोजन को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। बैठक में स्थानीय कलाकारों और लोगों ने कहा कि शरदोत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि मसूरी की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपरा रहा है। वर्ष 1953 में पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह उत्सव लंबे समय तक मसूरी की पहचान बना रहा। बताया गया कि शरदोत्सव के मंच से कई कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला और अनेक कलाकारों ने यहीं से अपने करियर की शुरुआत की। देश के नामचीन कलाकारों ने भी समय-समय पर मसूरी के इस आयोजन में प्रस्तुतियां दी हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि शरदोत्सव में स्थानीय कलाकारों, खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को मंच मिलता था। वर्ष 2013 की आपदा के बाद नगर पालिका के सामने आर्थिक संकट बढ़ने के कारण शरदोत्सव का आयोजन बंद हो गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से विंटर लाइन कार्निवल आयोजित किया जाने लगा। अब शरदोत्सव को दोबारा शुरू करने की पहल से स्थानीय कलाकारों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह है। पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि बैठक में मौजूद सभी लोगों की सहमति के बाद शरदोत्सव आयोजित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। हालांकि, आयोजन की विस्तृत रूपरेखा, कार्यक्रमों और तिथि को लेकर अभी विचार-विमर्श किया जाना है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के पास सीमित बजट है और शरदोत्सव जैसे बड़े आयोजन के लिए पर्याप्त धन की आवश्यकता होगी। इसके लिए प्रशासन, मसूरी विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी सहित विभिन्न विभागों से सहयोग लेने के साथ ही अन्य स्रोतों से भी फंड जुटाने का प्रयास किया जाएगा। शरदोत्सव के दोबारा आयोजन की पहल से शहर में यह उम्मीद जगी है कि एक बार फिर मसूरी की सड़कों और मंचों पर स्थानीय संस्कृति, लोक कला, संगीत और खेल प्रतिभाओं का रंग देखने को मिलेगा। बैठक में अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, रूपचंद गुरुजी, अनिल गोदियाल, राजेंद्र रावत, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल, संदीप साहनी, अजय भार्गव, संदीप राणा, प्रदीप भंडारी, षैलेन्द्र विश्ट, ममता राव, मनोज टम्टा सहित पालिका सभासद और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

