मसूरी पानी वाले बैंड पर जाम का झाम, तीन-चार घंटे में पार हो रहा कुछ मिनट का रास्ता

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मसूरी-देहरादून मार्ग पर वन-वे व्यवस्था बनी मुसीबत, मौके से पुलिस और लोनिवि नदारद;
एंबुलेंस तक फंस रही, 15 अगस्त पर हालात बिगड़ने की आशंका

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी को देहरादून से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास इन दिनों लोगों को सड़क से ज्यादा जाम परेशान कर रहा है। भारी बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने पहाड़ की कटिंग कर किसी तरह यातायात के लिए रास्ता तैयार किया है। सड़क संकरी होने के कारण यहां वन-वे यातायात चलाया जा रहा है, लेकिन इस व्यवस्था को संभालने के लिए मौके पर न तो पुलिस दिखाई दे रही है और न ही लोक निर्माण विभाग का कोई कर्मचारी। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भुगतना पड़ रहा है। कुछ मिनट में पार होने वाले पानी वाले बैंड के हिस्से को पार करने में लोगों को तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने से लोग घंटों अपने वाहनों में फंसे रहते हैं। जाम में छोटे वाहन, बसें, टैक्सी और पर्यटकों के वाहन सभी फंस रहे हैं।बारिश के दौरान पानी वाले बैंड के पास सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। सड़क बंद होने से मसूरी का देहरादून से संपर्क प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने पहाड़ को काटकर सड़क का कुछ हिस्सा तैयार किया और फिलहाल वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई। सड़क संकरी होने के कारण वन-वे व्यवस्था लागू की गई, लेकिन इसके बाद सबसे जरूरी काम था यातायात को व्यवस्थित करना। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी काम में जिम्मेदार विभाग पीछे रह गए। मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं होने के कारण वाहन चालक अपनी सुविधा के अनुसार आगे बढ़ने लगते हैं। इससे दोनों तरफ से वाहन आमने-सामने आ जाते हैं और जाम लग जाता है।
जाम की समस्या अब केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रह गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। देहरादून से मसूरी आने वाली और मसूरी से देहरादून जाने वाली एंबुलेंस को भी जाम में इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सामान्य वाहन अगर कुछ घंटे जाम में फंस जाएं तो किसी तरह इंतजार किया जा सकता है, लेकिन एंबुलेंस में मरीज हो तो हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में पानी वाले बैंड पर यातायात को लेकर तत्काल व्यवस्था करना जरूरी है।
आगामी 15 अगस्त को मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। स्वतंत्रता दिवस के आसपास दिल्ली, एनसीआर और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में लोग मसूरी पहुंचते हैं। ऐसे में मसूरी-देहरादून मार्ग पर वाहनों का दबाव भी बढ़ना तय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अभी सामान्य दिनों में ही पानी वाले बैंड पर तीन से चार घंटे का जाम लग रहा है तो 15 अगस्त के दौरान स्थिति कितनी खराब होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। यदि समय रहते यातायात व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो पर्यटकों को देहरादून से मसूरी पहुंचने में पांच से छह घंटे तक लग सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और यातायात व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि दिल्ली से देहरादून तक पहुंचने में जहां करीब ढाई घंटे लग रहे हैं, वहीं देहरादून से मसूरी पहुंचने में पांच से छह घंटे तक लगने की नौबत आ रही है। इससे पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो रही है। टैक्सी चालकों का कहना है कि जाम के कारण एक चक्कर लगाने में ही कई घंटे अतिरिक्त लग रहे हैं। इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। वहीं पर्यटक भी जाम में फंसने के कारण परेशान हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब प्रशासन और पुलिस को पता है कि पानी वाले बैंड पर सड़क संकरी है और वन-वे व्यवस्था लागू है, तो वहां यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती क्यों नहीं की गई?लोगों का कहना है कि वन-वे व्यवस्था तभी सफल हो सकती है जब दोनों तरफ पुलिसकर्मी मौजूद रहें और एक दिशा के वाहनों को रोककर दूसरी दिशा के वाहनों को निकाला जाए। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी को भी मौके पर मौजूद रहना चाहिए, ताकि सड़क की स्थिति और यातायात से जुड़ी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से पानी वाले बैंड पर तत्काल पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग से भी मौके पर कर्मचारी तैनात करने और क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण जल्द पूरा करने की मांग की गई है।लोगों का कहना है कि मसूरी का मुख्य प्रवेश मार्ग होने के कारण इस सड़क की व्यवस्था को हल्के में नहीं लिया जा सकता। 15 अगस्त से पहले यदि यहां यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो जाम की समस्या पूरे मसूरी शहर तक पहुंच सकती है।