मसूरी में ‘आरोग्य आहार’ की नई पहल, कुलिनरी मेडिसिन गैलरी से महिलाओं को मिलेगा स्वास्थ्य और रोजगार का मार्ग

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पर्यटन नगरी मसूरी में स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका को जोड़ने की दिशा में एक अनोखी पहल सामने आई है। हिमसुरभि संस्था द्वारा ‘कुलिनरी मेडिसिन आरोग्य आहार’ गैलरी का शुभारंभ किया गया, जिसमें हिमालयी पौधों और पारंपरिक खान-पान को आधुनिक स्वास्थ्य से जोड़ने का प्रयास किया गया। इस पहल के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य का आधार है। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली और खान-पान की आदतें महिलाओं में पीसीओडी, पीसीओएस, एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं को बढ़ा रही हैं। ऐसे में संतुलित आहार और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ इन समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखंड के सहयोग से आयोजित किया गया।इसका उद्देश्य है कि महिलाओं और युवतियों को हिमालयी वनस्पतियों की जानकारी देना, उन्हें रोजगार से जोड़ना व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना रहा। कार्यक्रम का उद्घाटन सुई ग्राहम ने किया, जिन्होंने मसूरी और देहरादून से अपने ऐतिहासिक और पारिवारिक जुड़ाव को साझा किया। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला। हाल ही में रिलीज हुए गीत “खूबसूरत” से प्रेरित सत्र में युवतियों को आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का संदेश दिया गया। गीत से जुड़े सौरभ जोशी और पिंकी पूनावाला के संदेशों ने प्रतिभागियों को अपनी पहचान और ताकत को समझने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि भोजन और औषधि के बीच की दूरी कम करना ही भविष्य की स्वास्थ्य दिशा है यानी सही खान-पान से कई बीमारियों को बिना दवा के भी नियंत्रित किया जा सकता है।