केदारनाथ यात्रा के पहले ही दिन अव्यवस्था, हेली सेवा ठपकृसैकड़ों श्रद्धालु परेशान

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अनुमति न मिलने से सुबह की उड़ानें रद्द, 100 से ज्यादा यात्री लौटे;वीआईपी मूवमेंट बना वजह, सरकार के दावों पर सवाल

मसूरी/केदारनाथ। केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही जहां एक ओर आस्था का सैलाब उमड़ा, वहीं यात्रा के पहले ही दिन व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। हेली सेवा बाधित होने से सैकड़ों श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, हिमालयन हेली सर्विस लिमिटेड द्वारा संचालित हेलीकॉप्टर सेवाएं सुबह निर्धारित समय पर उड़ान नहीं भर सकीं। बताया जा रहा है कि सुबह 6 बजे से शुरू होने वाली उड़ानों को केदारनाथ में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल पाई, जिसके चलते पूरी सेवा प्रभावित रही।
100 से ज्यादा श्रद्धालु लौटे, सैकड़ों इंतजार में
षेरसी हेलीपैड पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन उड़ानें रद्द होने के कारण 100 से अधिक यात्रियों को वापस लौटना पड़ा। वहीं, सैकड़ों श्रद्धालु घंटों से अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
कंपनी की ओर से यात्रियों को आश्वासन दिया गया है कि टिकट के पैसे एक सप्ताह के भीतर वापस कर दिए जाएंगे, लेकिन इससे श्रद्धालुओं का आक्रोश कम नहीं हुआ है।
वीआईपी मूवमेंट बना बड़ी वजह
हेली सेवा प्रभावित होने के पीछे वीआईपी मूवमेंट को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, केदारनाथ में अधिक टप्च् आवाजाही के चलते सामान्य उड़ानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल पाई, जिससे आम श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
सरकारी दावों पर उठे सवाल
हर साल यात्रा से पहले सरकार द्वारा बेहतर व्यवस्थाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहले ही दिन सामने आई अव्यवस्थाओं ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि शुरुआती दिन ही ऐसी स्थिति रही, तो आगे की यात्रा और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
श्रद्धालुओं में आक्रोश, बेहतर प्रबंधन की मांग
हेलीपैड पर मौजूद यात्रियों ने व्यवस्था सुधारने और वीआईपी मूवमेंट के बीच संतुलन बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि आम श्रद्धालुओं को नजरअंदाज कर वीआईपी को प्राथमिकता देना उचित नहीं है। आस्था के इस बड़े पर्व की शुरुआत अव्यवस्थाओं के बीच हुई है।