नॉर्डजोंगी के दो गोल ने पलटा फाइनल का पासा, वाइनबर्ग एलन बना हेरिटेज कप का चैंपियन,अतिरिक्त समय में 2-1 से मैनोराइट को दी मात

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मसूरी। मैदान पर 14 दिन तक चले फुटबॉल रोमांच का शुक्रवार को ऐसा अंत हुआ, जिसे दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे। सेंट जॉर्ज्स कॉलेज के 53वें हेरिटेज कप आमंत्रण फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में वाइनबर्ग एलन स्कूल (ए टीम) ने अतिरिक्त समय में मैनोराइट को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल के नायक रहे वाइनबर्ग एलन के नॉर्डजोंगी, जिन्होंने दोनों गोल दागकर अपनी टीम को चैंपियन बनाया।

पहले बढ़त, फिर बराबरी और आखिर में निर्णायक गोल

सुबह 10:30 बजे शुरू हुए फाइनल में वाइनबर्ग एलन ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। छठे मिनट में नॉर्डजोंगी ने शानदार गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद मैनोराइट ने हार नहीं मानी और लगातार हमले किए। 70वें मिनट में कृतार्थ ने गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया।

निर्धारित समय तक दोनों टीमें निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सकीं। इसके बाद मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुंचा। 97वें मिनट में नॉर्डजोंगी ने फिर गोल दागकर वाइनबर्ग एलन को 2-1 की बढ़त दिला दी। अंतिम सीटी के साथ ही वाइनबर्ग एलन के खिलाड़ी और समर्थक खुशी से झूम उठे।

24 टीमों ने दिखाया दम

1 से 14 अगस्त तक आयोजित टूर्नामेंट में 24 प्रमुख स्कूलों और क्लबों की टीमों ने हिस्सा लिया। करीब दो सप्ताह तक चले मुकाबलों में खिलाड़ियों ने फुटबॉल कौशल के साथ अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना का प्रदर्शन किया।

मैनोराइट की टीम खिताब से भले ही चूक गई, लेकिन पूरे फाइनल में उसके खिलाड़ियों के संघर्ष और जुझारूपन ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।

गोल्डन बूट और ग्लव्स भी मैनोराइट के नाम

व्यक्तिगत पुरस्कारों में मैनोराइट के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। ज्योतिष कुमार को शानदार गोल स्कोरिंग के लिए गोल्डन बूट, जबकि देवांश मूर्ति को बेहतरीन गोलकीपिंग के लिए गोल्डन ग्लव्स दिया गया। विजेता वाइनबर्ग एलन स्कूल को चैंपियनशिप ट्रॉफी और मैनोराइट को उपविजेता ट्रॉफी प्रदान की गई।

गणेश जोशी रहे मुख्य अतिथि

समापन समारोह में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि रहे। कॉलेज पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया और सम्मान स्वरूप पौधा भेंट किया गया। उन्होंने दोनों फाइनलिस्ट टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

सेंट जॉर्ज्स कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रदर जेयसीलन एस. ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि हेरिटेज कप की असली सफलता केवल ट्रॉफी जीतने में नहीं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, चरित्र, मित्रता और खेल के प्रति समर्पण विकसित करने में है।

फाइनल का संचालन रेफरी पुष्कर सिंह गुसाईं, प्रदीप नेगी, प्रशांत रावत, मिलन और अनिश छेत्री ने किया। आयोजन को सफल बनाने में कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रदर जेयसीलन एस., ब्रदर ब्रिटो, ब्रदर सिल्वानस केरकेट्टा, ब्रदर लॉरेंस कुजूर, ब्रदर निथिन मिटरली, स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर आनंद थापा, पीआरओ भावनेश नेगी और स्पोर्ट्स विभाग की टीम का योगदान रहा।