पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने मंगलवार को एक बार फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मसूरी-देहरादून मार्ग पर कोलुखेत से आगे हनुमान मंदिर के पास भारी भूस्खलन होने से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम दो जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद सड़क पर जमा मलबा हटाया गया और यातायात को दोबारा सुचारु कराया गया। हालांकि पहाड़ी में अभी भी दरारें बनी हुई हैं और कई बड़े पत्थर ढलान पर अटके हुए हैं। ऐसे में लगातार बारिश के बीच दोबारा भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
दूसरी बार उजड़ा पानी वाले बैंड का रेस्टोरेंट
बारिश का सबसे बड़ा नुकसान मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित पानी वाले बैंड के पास देखने को मिला, जहां भारी भूस्खलन की चपेट में आने से एक रेस्टोरेंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मलबे के नीचे दबने से रेस्टोरेंट में रखा लाखों रुपये का सामान भी नष्ट हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय अंदर मौजूद लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।
रेस्टोरेंट संचालक ऋषभ पवार ने बताया कि 16 सितंबर 2025 की आपदा में भी उनका यही रेस्टोरेंट पूरी तरह तबाह हो गया था। उस समय भी उन्हें किसी प्रकार की सरकारी सहायता या मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने रिश्तेदारों और अपने संसाधनों की मदद से दोबारा रेस्टोरेंट तैयार किया था, लेकिन एक बार फिर प्रकृति की मार ने उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
रिटेनिंग वॉल की मांग की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी
ऋषभ पवार ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से रेस्टोरेंट के पीछे रिटेनिंग वॉल बनाने तथा पहाड़ी पर वृक्षारोपण कराने की मांग की थी, ताकि भूस्खलन का खतरा कम हो सके। लेकिन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा कार्य किए गए होते तो शायद आज यह नुकसान नहीं होता। उन्होंने सरकार और क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है।
पर्यटकों ने की प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना
मसूरी घूमने आए पर्यटकों ने कहा कि लगातार बारिश के दौरान पहाड़ों में भूस्खलन होना स्वाभाविक है, लेकिन प्रशासन ने जिस तेजी से जेसीबी लगाकर सड़क से मलबा हटाया और यातायात बहाल किया, वह सराहनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों की तत्परता की भी प्रशंसा की।
बना हुआ है खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण मसूरी और आसपास के इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक बारिश का दौर जारी रहेगा, तब तक संवेदनशील स्थानों पर खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने भी लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

