पर्यटन नगरी मसूरी में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच मसूरी टैक्सी कार एसोसिएशन ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। एसोसिएशन ने कहा है कि वह ई-20 कार्यक्रम के खिलाफ किसी भी तरह का अभियान नहीं चला रही है और न ही सरकार से इसे वापस लेने की मांग की गई है। संगठन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक सूचनाओं को तत्काल बंद करने की अपील की है। मसूरी टैक्सी कार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र पंवार ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर यह प्रचार कर रहे हैं कि एसोसिएशन भारत सरकार के ई-20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम को वापस लेने के लिए अभियान चला रही है, जबकि यह पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने कभी भी इस संबंध में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया और न ही किसी स्तर पर रोलबैक की मांग की है। वीरेंद्र पंवार ने कहा कि ई-20 कार्यक्रम किसानों की आय बढ़ाने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है, जिसका संगठन समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि सरकार और ऑटोमोबाइल उद्योग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ई-20 ईंधन से इंजनों को व्यापक स्तर पर किसी प्रकार की क्षति होने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घट रही है और किसानों को उनकी फसलों का बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है। ऐसे में इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को गलत तथ्यों के आधार पर विवादित बनाना उचित नहीं है। एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पर गलत जानकारी प्रसारित करने वालों से अपील की है कि वे संगठन के नाम का दुरुपयोग न करें और भ्रामक पोस्ट हटाएं। अध्यक्ष ने कहा कि मसूरी टैक्सी कार एसोसिएशन हमेशा राष्ट्रीय हितों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ खड़ी रही है और भविष्य में भी रचनात्मक सहयोग जारी रखेगी।

