मसूरी। सेंट जॉर्ज कॉलेज मसूरी में आयोजित 26वीं माइलस्टोन प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने संगीत, नृत्य, फोटोग्राफी, अभिनय से लेकर चित्रकला और स्कल्पचर तक अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में बिहार, मेरठ, देहरादून और मसूरी के 13 स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर अपनी रचनात्मकता का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता में सीजेएम वेवरली मसूरी ने ओवरऑल विजेता और सेंट पैट्रिक एकेडमी देहरादून ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।
प्रतियोगिता का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि एवं प्रसिद्ध गायक अभिजेय शर्मा ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि माइलस्टोन का मतलब केवल मंजिल तक पहुंचना नहीं, बल्कि लगातार आगे बढ़ते रहना भी है। सफलता उसी काम में मिलती है, जिसे व्यक्ति अपने दिल की आवाज सुनकर करता है।प्रतियोगिता में क्रेन मेमोरियल हाई बिहार, सेंट पैट्रिक एकेडमी मेरठ, सेंट पैट्रिक एकेडमी देहरादून, वेंटेज हॉल, सेंट जूड्स, तुलाज इंटरनेशनल स्कूल, शिगाली हिल्स इंटरनेशनल अकादमी, ज्ञानंदा स्कूल, द इंडियन पब्लिक स्कूल, बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, मसूरी इंटरनेशनल स्कूल, वाइनबर्ग एलन स्कूल और सीजेएम वेवरली सहित 13 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
माइलस्टोन में विद्यार्थियों को अपनी रुचि और हुनर दिखाने के लिए अलग-अलग मंच मिले। विनाइल क्रॉसओवर में संगीत, कॉस्मिक साइफर में कोरियोग्राफी, सोनिक ओप्सिस में फोटोग्राफी, अटेलियर इमैजिनियस में डिजिटल पोस्टर मेकिंग, वेस्टिजियम मेंटिस में स्केचिंग एंड शेडिंग, अल रोवेसियो में हेड गियर एंड मॉडलिंग, स्प्रेजातुरा में थिएटर, लुसेंटिया में टैस्कोमैनिया, मेराकी में कैनवास पेंटिंग और पेंथिआन में स्कल्पटिंग सहित दस विधाओं में मुकाबले हुए
अभिनय, रेडियो जॉकी और गायकी के क्षेत्र में पहचान बना चुके अभिनेता अपारशक्ति खुराना मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने की इच्छा के साथ लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी है। उन्होंने सेंट जॉर्ज कॉलेज की ओर से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अपारशक्ति ने कहा कि माइलस्टोन जैसी बहुमुखी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का बेहतर अवसर देती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की भी सराहना की। मुंबई की व्यस्त जिंदगी से अलग मसूरी पहुंचने पर उन्होंने पहाड़ों की शांति और सुकून का भी जिक्र किया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने अपनी गायकी से विद्यार्थियों और दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल रहे। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद सीजेएम वेवरली मसूरी को ओवरऑल विजेता घोषित किया गया, जबकि सेंट पैट्रिक एकेडमी देहरादून उपविजेता रही। विजेता और उपविजेता विद्यालय को ट्रॉफी प्रदान की गई। पुरस्कार वितरण के बाद सेंट जॉर्ज कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रदर जयसीलन ने सभी प्रतिभागी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और निर्णायकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है। प्रधानाचार्य ब्रदर जयसीलन, सुपीरियर ब्रदर ब्रिटो, उप-प्रधानाचार्य ब्रदर सिलवेनुस, कल्चरल कोऑर्डिनेटर दीपाली बल्लभ, सीनियर कोऑर्डिनेटर मार्क गौनसाल्विस और पीआरओ भवनेश नेगी के निर्देशन में प्रतियोगिता का सफल आयोजन हुआ।

