ऑल इंडिया केमिस्ट बंद का मसूरी में व्यापक असर, दवा दुकानों पर लटके ताले.रोजमर्रा की दवाइयों के लिए मरीज और पर्यटक दिनभर परेशान,

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मसूरी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को मसूरी में भी सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे। दवा दुकानों पर ताले लटकने से स्थानीय लोगों, मरीजों और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासकर रोजमर्रा की दवाइयां लेने पहुंचे बुजुर्ग, बीमार और पर्यटक दिनभर इधर-उधर भटकते नजर आए। मसूरी के प्रमुख बाजारों, माल रोड, लाइब्रेरी चौक, कुलड़ी, लंढौर और पिक्चर पैलेस क्षेत्र की अधिकांश दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। मसूरी केमिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल मित्तल ने बताया कि यह बंद देशभर के 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट्स और दवा वितरकों के समर्थन में किया गया है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही अवैध ई-फार्मेसी, बड़े कॉरपोरेट घरानों द्वारा भारी छूट देकर बाजार पर कब्जा करने की कोशिश और सरकार की कुछ अधिसूचनाओं के कारण छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। विपुल मित्तल ने कहा कि दवा कोई सामान्य वस्तु नहीं है, बल्कि यह सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। यदि बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री होती रही तो इससे मरीजों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एंटीबायोटिक्स और नशे की प्रवृत्ति बढ़ाने वाली दवाइयां भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (।डत्) जैसी गंभीर समस्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बड़े कॉरपोरेट्स द्वारा भारी डिस्काउंट देकर छोटे व्यापारियों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। इससे वर्षों से स्थापित पारंपरिक औषधि वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार अवैध ई-फार्मेसी पर तत्काल रोक लगाए और निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित करे।दूसरी ओर दवा दुकानों के बंद रहने से कई मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पर्यटकों ने बताया कि अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें जरूरी दवाइयां नहीं मिल सकीं। स्थानीय लोगों ने भी कहा कि बंद के कारण शहर में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर देखने को मिला। इस मौके पर मसूरी केमिस्ट्स एसोसिएशन महामंत्री डॉ. नीरज सिंघल, आशीष गर्ग, मनोज अग्रवाल, सुमित और डॉ. अशरफ अली खान सहित कई दवा विक्रेता मौजूद रहे।