मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी आने वाले पर्यटकों को जल्द ही बैरियरों पर लंबी कतारों से राहत मिल सकती है। माल रोड और कोलूखेत स्थित बैरियरों पर अत्याधुनिक फास्टैग आधारित शुल्क संग्रहण प्रणाली लागू करने की दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (फास्टैग) और नगर पालिका परिषद मसूरी ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने बैरियरों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं का आकलन किया। मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान हजारों वाहन प्रतिदिन प्रवेश करते हैं। ऐसे में माल रोड और कोलूखेत बैरियर पर शुल्क जमा कराने के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार जाम की स्थिति भी पैदा हो जाती है। इसी समस्या के समाधान के लिए फास्टैग प्रणाली लागू करने की योजना बनाई जा रही है। फास्टैग की तकनीकी टीम और पालिका प्रशासन के अधिकारियों ने माल रोड स्थित दोनों बैरियरों तथा कोलूखेत स्थित इको पर्यटन शुल्क बैरियर का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तकनीकी संसाधनों, इंटरनेट कनेक्टिविटी, कैमरा सिस्टम, वाहन पहचान तकनीक और शुल्क संग्रहण व्यवस्था का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने बैरियरों पर उपलब्ध स्थान, उपकरणों की स्थापना और संचालन संबंधी आवश्यकताओं का भी जायजा लिया, ताकि भविष्य में व्यवस्था लागू होने पर किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत वाहनों से शुल्क सीधे फास्टैग के माध्यम से लिया जाएगा। इससे नकद लेन-देन की आवश्यकता कम होगी और शुल्क संग्रहण प्रणाली अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बनेगी। साथ ही राजस्व संबंधी आंकड़ों का डिजिटल रिकॉर्ड भी आसानी से उपलब्ध रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल प्रशासन को सुविधा मिलेगी बल्कि पर्यटन शुल्क संग्रहण में होने वाली संभावित अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा। पर्यटन सीजन में मसूरी के प्रवेश मार्गों पर लगने वाले जाम और लंबी कतारें लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। फास्टैग व्यवस्था लागू होने के बाद वाहनों को बैरियर पर रुकने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी, जिससे यातायात सुगम होगा और पर्यटकों का समय बचेगा। स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसायियों का भी मानना है कि सुगम यातायात व्यवस्था से पर्यटन उद्योग को फायदा मिलेगा और मसूरी की छवि एक आधुनिक पर्यटन नगर के रूप में और मजबूत होगी। निरीक्षण के बाद आयोजित बैठक में फास्टैग और पालिका प्रशासन के बीच प्रस्तावित एमओयू (डव्न्) की अग्रिम प्रक्रिया पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने निर्णय लिया कि अंतिम सहमति से पहले एक आम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और अन्य हितधारकों के सुझाव भी लिए जाएंगे। नगर पालिका प्रशासन का मानना है कि यह पहल मसूरी को डिजिटल और स्मार्ट पर्यटन नगर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। यदि योजना सफल रहती है तो भविष्य में अन्य नागरिक सेवाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ेंगी। बैठक में पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, अधिशासी अधिकारी, सभासद, फास्टैग के तकनीकी विशेषज्ञ तथा संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

