मसूरी, 29 मई (नवोदय टाइम्स)
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने षुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दलाई हिल, हैप्पी वैली क्षेत्र में अवैध रूप से बनाई गई दुकानों को ध्वस्त कर दिया। संयुक्त सचिव एमडीडीए के आदेश पर हुई इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया। सुबह अचानक एमडीडीए की टीम भारी पुलिस बल के साथ दलाई हिल पहुंची और वहां अवैध रूप से निर्मित दुकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार संबंधित लोगों को पहले नोटिस और चेतावनी दी गई थी, लेकिन निर्माण कार्य नहीं रोका गया। इसके बाद मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। एमडीडीए द्वारा जारी जानकारी के अनुसार संजय साहनी, अनिल और चंदू द्वारा अवैध निर्माण किए गए थे। विभाग ने स्पष्ट किया कि मसूरी में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान एमडीडीए के सहायक अभियंता अजय मलिक, अवर अभियंता अनुराग नौटियाल, यूएस नेगी, संजीव, इंद्रदेव नौटियाल, रामराज सहित पुलिस बल मौजूद रहा। हालांकि इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई लोगों ने आरोप लगाया कि एमडीडीए गरीब और छोटे दुकानदारों पर तो सख्ती दिखा रहा है, लेकिन मसूरी में बड़े स्तर पर हो रहे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की जा रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई बड़े होटल, बहुमंजिला भवन और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में निर्माण खुलेआम जारी हैं, लेकिन प्रभावशाली लोगों पर विभाग हाथ डालने से बच रहा है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि आज मसूरी तेजी से “कंक्रीट के जंगल” में बदलती जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों का आरोप है कि पहाड़ काटकर निर्माण, ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण और अनियोजित विकास के कारण मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण दोनों खतरे में हैं। लोगों ने मांग की कि यदि प्रशासन वास्तव में अवैध निर्माणों को रोकना चाहता है तो कार्रवाई केवल छोटे लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि बड़े और प्रभावशाली लोगों द्वारा किए जा रहे निर्माणों की भी निष्पक्ष जांच हो। वहीं पर्यावरण प्रेमियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते अनियोजित निर्माण पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में मसूरी को गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।

