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मसूरी के गुरु नानक फिफ्थ सेंटेनरी स्कूल ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, देश में पांचवां स्थान

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एजुकेशन वर्ल्ड की रैंकिंग में स्कूल को देश में पांचवीं और उत्तराखंड में तीसरी रैंक, दिल्ली में प्रशासनिक अधिकारी सुनील बख्शी ने प्राप्त किया सम्मान

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी के प्रतिष्ठित गुरु नानक फिफ्थ सेंटेनरी स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। एजुकेशन वर्ल्ड की ओर से दी गई रैंकिंग में स्कूल को देशभर में पांचवां और उत्तराखंड में तीसरा स्थान मिला है। इस उपलब्धि से स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। यह सम्मान न केवल स्कूल की शैक्षणिक पहचान को मजबूती देता है, बल्कि मसूरी की शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित प्रतिष्ठा को भी नई पहचान देता है। 22 अक्टूबर 2026 को मिली इस उपलब्धि को स्कूल की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और बेहतर शिक्षण वातावरण के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम बताया गया है। स्कूल की ओर से दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी सुनील बख्शी ने सम्मान प्राप्त किया। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, इस उपलब्धि के पीछे प्रबंधन का मार्गदर्शन, प्रधानाचार्य और शिक्षकों की मेहनत तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा और लगन की अहम भूमिका रही है। शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है। स्कूल ने इसी सोच के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर दिया है। स्कूल की इस उपलब्धि को किसी एक व्यक्ति की सफलता के बजाय पूरी शैक्षणिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। प्रबंधन से लेकर शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों तक सभी की भागीदारी ने स्कूल की पहचान बनाने में योगदान दिया है। एजुकेशन वर्ल्ड की रैंकिंग में स्थान मिलना स्कूल के लिए उत्साह बढ़ाने वाला कदम है और इससे भविष्य में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलेगी। स्कूल परिवार ने इस उपलब्धि पर प्रबंधन, प्रधानाचार्य, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। स्कूल का कहना है कि यह सम्मान आगे भी शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने, नए लक्ष्य निर्धारित करने और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी को मजबूत करता है।मसूरी जैसे पर्यटन नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले शहर के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यहां की पहचान केवल प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी है। देश की रैंकिंग में पांचवां और प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करना स्कूल के लिए गौरव का अवसर है। अब इस उपलब्धि के साथ स्कूल के सामने अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाए रखने और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की अपेक्षा भी बढ़ गई है।