नंदा राजजात यात्रा-2027 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार , बैठक में भव्य, सुरक्षित और ऐतिहासिक आयोजन का लिया संकल्प

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मसूरी4। उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं की विश्व प्रसिद्ध पहचान मां नंदा राजजात यात्रा 2027 को भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। वर्ष 2027 में प्रस्तावित नंदा राजजात यात्रा को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यात्रा की तैयारियों, व्यवस्थाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में डॉ. राजेश कुँवर की अध्यक्षता में श्री नंदा देवी राजजात समिति और राजजात कोर कमेटी के सदस्यों ने यात्रा मार्ग, पड़ाव स्थलों, आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और संभावित चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि नंदा राजजात केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और लोक आस्था का सबसे बड़ा उत्सव है, जिसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि यात्रा में शामिल होने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यात्रा मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, आवास, स्वच्छता, संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारियां करने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही यात्रा को पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति के अनुरूप संचालित करने पर भी बल दिया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2014 की नंदा राजजात यात्रा के दौरान समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य श्री नंदा राजजात सेवा समिति का गठन किया गया था। तब से समिति लगातार यात्रा मार्ग और पड़ाव स्थलों पर व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इस बार भी सरकार, सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनता के समन्वय से यात्रा को सफल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों ने भी भाग लिया तथा यात्रा को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए। सभी ने एकमत से कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों से ही इस ऐतिहासिक यात्रा को सफल बनाया जा सकता है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि तैयारियों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के लिए अगली बैठक 12 जुलाई 2026 को देहरादून में आयोजित की जाएगी। इसमें अब तक किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि मां नंदा राजजात यात्रा-2027 को भव्य, दिव्य, सुरक्षित और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया जाएगा। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि जन सहयोग और सामूहिक प्रयासों के बल पर यह यात्रा उत्तराखंड की गौरवशाली परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। बैठक में भुवन नौटियाल, विशन सिंह कुंवर, डॉ. अविनाश जोशी, बहुभाषी साहित्यकार धर्म सिंह फरस्वाण, कर्नल डी.सी. बर्त्वाल, ब्रिगेडियर मोहित नौटियाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।