अपने बेबाक अंदाज और जोशीले भाषणों के लिए देशभर में पहचान रखने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धूएक अलग ही रूप देखने को मिला। सिद्धू प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां सुरकंडा देवी के मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने माँ सुरकंडा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और काफी समय तक मंदिर परिसर में ध्यान लगाकर आध्यात्मिक साधना की। जानकारी के अनुसार, निजी दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे सिद्धू सुबह सुरकंडा धाम पहुंचे। रोपवे सेवा संचालित नहीं होने के कारण उन्होंने वाहन या विशेष व्यवस्था का सहारा लेने के बजाय लगभग डेढ़ किलोमीटर का पैदल मार्ग तय कर मंदिर तक पहुंचना चुना। रास्ते में उन्होंने सामान्य श्रद्धालुओं की तरह यात्रा की, जिससे अधिकांश लोगों को यह आभास तक नहीं हुआ कि उनके बीच देश के चर्चित पूर्व क्रिकेटर मौजूद हैं। मंदिर परिसर पहुंचने पर मंदिर समिति के सदस्यों ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद पारंपरिक उत्तराखंडी संस्कृति के अनुरूप ढोल-दमाऊं की मधुर धुनों के साथ उनका स्वागत किया गया। मंदिर समिति के सदस्य आशीष जड़धारी ने बताया कि सिद्धू ने विधिवत पूजा-अर्चना कर माँ सुरकंडा का आशीर्वाद लिया और करीब एक घंटे से अधिक समय तक मंदिर परिसर में शांत वातावरण में ध्यान किया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिद्धू इस दौरान पूरी तरह आध्यात्मिक भाव में नजर आए। उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से भी आत्मीयता के साथ मुलाकात की। उनकी सादगी और बिना किसी राजनीतिक या सार्वजनिक कार्यक्रम के मंदिर पहुंचने की शैली लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।सूत्रों के मुताबिक, सिद्धू अपने निजी प्रवास के दौरान कौड़िया क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं। हालांकि उनका यह दौरा पूरी तरह निजी बताया जा रहा है, लेकिन सुरकंडा धाम में उनकी मौजूदगी ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच उत्सुकता पैदा कर दी।समुद्र तल से लगभग 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सुरकंडा धाम उत्तराखंड के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। धार्मिक मान्यता है कि यहाँ माँ सती का सिर गिरा था, जिसके कारण यह स्थान श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है। ऐसे पवित्र धाम में सिद्धू का ध्यान और साधना करना श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का विषय बना रहा।

