पर्यटन नगरी मसूरी की पहचान मानी जाने वाली माल रोड पर आवारा पशुओं और कुत्तों का बढ़ता आतंक अब स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। आए दिन सांड, गाय और आवारा कुत्तों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई लोग घायल भी हो चुके हैं, जिससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने जल्द व्यापक कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा कि माल रोड को आवारा पशुओं से मुक्त कर सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि माल रोड पर शाम के समय बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं, लेकिन आवारा सांड और कुत्तों के कारण लोगों में भय का माहौल बना रहता है। कई बार पशु अचानक राहगीरों पर हमला कर देते हैं, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होती है। व्यापारियों का भी कहना है कि इस स्थिति का पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि नगर पालिका पहले भी कई आवारा सांडों और गायों को पकड़कर देहरादून की गौशालाओं में भेज चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व बाहरी क्षेत्रों से पशुओं को लाकर मसूरी में छोड़ रहे हैं, जिससे समस्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनकी पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगर पालिका जल्द ही विशेष अभियान चलाकर माल रोड और अन्य प्रमुख क्षेत्रों से आवारा पशुओं को हटाएगी, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
मीरा सकलानी ने यह भी बताया कि मसूरी में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके लिए मकडेत़ी गांव में आवश्यक तैयारियां चल रही हैं। सेंटर शुरू होने के बाद आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का नियमित अभियान चलाया जाएगा, जिससे उनकी संख्या नियंत्रित होने के साथ रेबीज जैसी बीमारियों पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका मसूरी की सुंदरता, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। माल रोड को व्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यटक-अनुकूल बनाने के लिए पूर्व में भी कई फैसले लिए गए हैं और अब आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका आग्रह है कि नगर पालिका जल्द अभियान चलाकर धरातल पर कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि पर्यटन नगरी की पहचान सुरक्षित रहे और लोगों को आवारा पशुओं के आतंक से राहत मिल सके।
एमयूएस 105 (मसूरी मालरोड पर आवारा पशुओं का आतंक)

