मसूरी। वैश्विक चुनौतियों को समझने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सतत विकास के लक्ष्यों पर चर्चा करने के उद्देश्य से मसूरी इंटरनेशनल स्कूल (एमआईएस) में दो दिवसीय एसडीजी समिट-2026 का शुभारंभ हुआ। मसूरी इंटरनेशनल स्कूल और एस्पिरेंट लर्निंग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में देश के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। समिट में विद्यार्थियों को संयुक्त राष्ट्र, लोकसभा, वाद-विवाद और मूट कोर्ट जैसी समितियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्णय लेने की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र के उच्चारण, विद्यालय की प्रार्थना, पारंपरिक स्वागत और मनमोहक कथक नृत्य प्रस्तुति के साथ हुआ। विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने मुख्य अतिथि आर्यन देव उनियाल का स्वागत किया। आर्यन देव उनियाल केंद्र सरकार के स्थायी अधिवक्ता और भारतीय जनता युवा मोर्चा के उत्तराखंड प्रदेश मंत्री हैं।
उद्घाटन समारोह में आर्यन देव उनियाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नेतृत्व केवल पद हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाना है। युवाओं को केवल सुर्खियों तक सीमित रहने के बजाय नियमित अध्ययन करने, विषयों को गहराई से समझने और तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति, महान विभूतियों और देश की गौरवशाली विरासत से जुड़े रहने के साथ आधुनिक ज्ञान और वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की भी बड़ी शक्ति हैं। ज्ञान, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से युवा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
समिट की खास बात यह है कि विद्यार्थियों को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझने का व्यावहारिक अवसर मिलेगा। इसके लिए इंटरनेशनल प्रेस कॉर्प्स, कैपिटल फ्लैश, विश्व स्वास्थ्य संगठन, महिलाओं की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र आयोग, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, लोकसभा, वाद-विवाद और मूट कोर्ट जैसी समितियां बनाई गई हैं। इन समितियों में विद्यार्थी सार्वजनिक स्वास्थ्य, महिला अधिकार, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतांत्रिक बहस, न्यायिक प्रक्रिया और वैश्विक चुनौतियों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। इससे विद्यार्थियों को शोध करने, अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने, दूसरों के विचार समझने और सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया का अनुभव मिलेगा।मुख्य अतिथि आर्यन देव उनियाल और प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने लोकसभा, संयुक्त राष्ट्र और वाद-विवाद सहित विभिन्न समितियों के प्रमुखों को गैवल प्रदान कर सम्मेलन की कार्यवाही का औपचारिक शुभारंभ किया। प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को कक्षा में मिलने वाली शिक्षा से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। समिट के माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक सोच, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर विद्यालय के उपप्रधानाचार्य जितेंद्र दास, आकाश ग्लोवर, पुनीत, मार्क, आदर्श, निश्चल पांडे और प्रियांश सहित शिक्षक एवं आयोजन दल के सदस्य मौजूद रहे।

