मसूरी में बेकरी हिल पार्किंग विवाद गरमाया, मजदूर संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

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मसूरी में बेकरी हिल कार पार्किंग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मजदूर संघ मसूरी ने नगर पालिका परिषद पर आरोप लगाया है कि पार्किंग स्थल से श्रमिकों को हटाकर वहां पटरी व्यवसायियों के लिये वेंडर जोन बनाया जा रहा हैं, जिससे न केवल कई श्रमिकों का रोजगार छिन जाएगा बल्कि शहर में पार्किंग की समस्या भी और गंभीर हो जाएगी। मजदूर संघ ने उप जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र सौंपते हुए इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है। संघ का कहना है कि वर्ष 1996 में हाथ रिक्शा उन्मूलन योजना के तहत प्रभावित 326 श्रमिकों के पुनर्वास के लिए बेकरी हिल, मोतीलाल नेहरू रोड और कंपनी बाग पार्किंग में रोजगार की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा कई श्रमिकों को साइकिल रिक्शा दिए गए थे, जबकि कुछ को नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। संघ के अनुसार वर्तमान में भी कई रिक्शा श्रमिक इन्हीं व्यवस्थाओं पर निर्भर हैं। यदि पार्किंग स्थल पर वेंडर जोन बनाया जाता हैं तो दर्जनों श्रमिक दोबारा बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था और पार्किंग संकट और बढ़ेगा। मजदूर नेता संजय टम्टा का कहना है कि पार्किंग स्थलों पर खोके लगाने से मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि पटरी व्यवसायियों के लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की जाए। उन्होने बताया कि मसूरी में मजदूरों के कल्याण की व्यवस्था ब्रिटिश काल से चली आ रही है, जब उनके लिए आवासीय कॉलोनियां और रोजगार के साधन विकसित किए गए थे। लेकिन वर्तमान में मजदूरों के हितों की अनदेखी की जा रही है। मजदूर संघ ने साफ कहा कि यदि नगर पालिका ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो वे प्रदर्शन और हड़ताल करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।