जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर टैक्सी चालकों से वसूले जा रहे अत्यधिक पार्किंग शुल्क और ओला-उबर संचालन के विरोध को लेकर परिवहन मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उत्तराखंड टैक्सी मैक्सी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुंदर सिंह पंवार समेत प्रतिनिधिमंडल और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एयरपोर्ट निदेशक वी सी एच नेगी, परिवहन आयुक्त एस के सिंह सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में परिवहन सचिव ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर टैक्सी पार्किंग शुल्क को वर्तमान 345 रुपये से घटाकर 100 से 150 रुपये तक करने के निर्देश दिए। एयरपोर्ट प्रशासन ने 10 तारीख तक इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। महासंघ ने एयरपोर्ट पर ओला-उबर को अनुमति देने का विरोध करते हुए कहा कि इससे स्थानीय टैक्सी व्यवसायियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। साथ ही प्रदेश में परिवहन व्यवसायियों पर हर साल बढ़ाए जा रहे 5ः टैक्स पर भी रोक लगाने की मांग उठाई गई। महासंघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि अधिक पार्किंग शुल्क और टैक्सी संचालन से जुड़ी समस्याएं न केवल व्यवसायियों पर बोझ बढ़ा रही हैं, बल्कि राज्य में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों पर भी आर्थिक दबाव डाल रही हैं, जिससे प्रदेश की छवि प्रभावित हो रही है। महासंघ ने इन मुद्दों को लेकर जल्द ही परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा से मुलाकात करने का निर्णय लिया है।बैठक के बाद टैक्सी संचालकों में राहत की उम्मीद जगी है। यदि तय समय सीमा में पार्किंग शुल्क में कटौती लागू होती है तो इससे हजारों परिवहन व्यवसायियों को सीधा लाभ मिलेगा और यात्रियों पर भी आर्थिक बोझ कम होगा।

