एसआईआर पर कांग्रेस का सवाल,  महिला कांग्रेस का आरोप- युवाओं के नाम कटने का खतरा,  गलत मैपिंग और नोटिस को लेकर उठाए सवाल

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मसूरी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर मसूरी में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सरकार और निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने के नाम पर आम लोगों के सामने नई परेशानियां खड़ी हो रही हैं। सबसे बड़ा सवाल कांग्रेस ने युवा मतदाताओं के नाम सूची से हटने की आशंका को लेकर उठाया है।
मंगलवार को मसूरी महिला कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर ैप्त् की प्रक्रिया में सामने आ रही कथित खामियों को गिनाया। महिला कांग्रेस अध्यक्ष जसबीर कौर ने कहा कि एक ओर नए युवा मतदाता अपना नाम सूची में जुड़वाने के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर पुराने मतदाताओं से ऐसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिन्हें संभालकर रखना उनके लिए संभव नहीं था। कांग्रेस एसआईआर की प्रक्रिया में बुजुर्ग मतदाताओं की परेशानी को प्रमुख मुद्दा बनाया। जसबीर कौर ने कहा कि कई बुजुर्गों से 50 से 60 साल पुराने रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं। सवाल यह है कि जिस दौर में लोगों के दस्तावेज डिजिटल तो दूर, व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी नहीं थी, उस समय के रिकॉर्ड आज हर व्यक्ति के पास कैसे मिलेंगे? उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को अपने ही नाम और पहचान को साबित करने के लिए दफ्तरों और विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए और वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन की व्यवस्था की जाए। प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने ैप्त् के सबसे संवेदनशील पहलू के तौर पर युवा मतदाताओं का मुद्दा उठाया। जसबीर कौर ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान युवाओं के वोट कटने का खतरा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं, जो मतदान की उम्र पूरी कर चुके हैं, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं।कांग्रेस का कहना है कि यदि सत्यापन और मैपिंग में किसी तरह की गलती होती है तो इसका सीधा असर नए मतदाताओं पर पड़ सकता है। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटना सिर्फ प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि उसके मताधिकार पर सीधा असर है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कई लोगों को नोटिस तो भेजे जा रहे हैं, लेकिन उसमें आपत्ति का स्पष्ट कारण नहीं बताया जा रहा। इससे लोगों को यह समझने में भी परेशानी हो रही है कि आखिर उन्हें कौन सा दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत करना है। कांग्रेस ने दावा किया कि एसआईआर की मैपिंग सही तरीके से नहीं होने के कारण भी कई मतदाताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने निर्वाचन अधिकारियों से प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और नोटिस में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। जसबीर कौर ने बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बीएलओ पर काम का दबाव है और उन्हें पर्याप्त समय व सहयोग नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यदि बीएलओ को पर्याप्त समय और संसाधन दिए जाएं तो सत्यापन की प्रक्रिया ज्यादा सही तरीके से पूरी हो सकती है। कांग्रेस ने साफ किया कि वह मतदाता सूची के पुनरीक्षण के खिलाफ नहीं है। पार्टी का कहना है कि फर्जी या अपात्र नाम हटाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि कोई वास्तविक और पात्र मतदाता प्रक्रिया की खामी का शिकार न बने। महिला कांग्रेस ने सरकार और निर्वाचन आयोग से मांग की कि बुजुर्गों, युवाओं और अन्य मतदाताओं के लिए प्रक्रिया को आसान बनाया जाए। जिन लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, उन्हें स्पष्ट कारण बताया जाए और जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। जसबीर कौर ने मतदाता पहचान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मतदाता पहचान पत्र को आधार से लिंक करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से मतदाता सूची को ज्यादा व्यवस्थित किया जा सकता है और लोगों को बार-बार पुराने दस्तावेज खोजने की परेशानी से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एसआईआर का मकसद मतदाता सूची को मजबूत और पारदर्शी बनाना होना चाहिए, न कि ऐसे पात्र मतदाताओं को प्रक्रिया में उलझाना जिनका नाम पहले से मतदाता सूची में है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि एसआईआर के दौरान युवाओं और अन्य पात्र मतदाताओं के नाम हटे तो पार्टी इसका विरोध करेगी और निर्वाचन आयोग के सामने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी। इस मौके पर भगवती प्रसाद कुकरेती, महिमानंद, तहमीना खान, रुबीना अंजुम, रिया मौजूद थी।