मसूरी मिस्ट्री डेथ में पिता का फूटा गुस्सा, दामाद पर हत्या का आरोप

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मसूरी के एक होमस्टे में गुरुग्राम की 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर राधा गायत्री की संदिग्ध मौत का मामला अब और अधिक संवेदनशील हो गया है। मृतका के पिता ने जहां अपने दामाद पर बेटी की हत्या का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच और मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

शनिवार को मसूरी कोतवाली पहुंचे मृतका के पिता ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय केवल औपचारिक कार्रवाई कर रही है।

मृतका के पिता ने बताया कि परिवार ने अपनी बेटी और दामाद के सुखद वैवाहिक जीवन के लिए घर पर विशेष पूजा का आयोजन रखा था। रिश्तेदारों को बुलाया गया था और तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान उन्हें बेटी की संदिग्ध मौत की सूचना मिली।

उन्होंने कहा, "हम भगवान से बेटी की खुशियों की कामना कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही हमारी दुनिया उजड़ गई। जिस दिन घर में मंगल कार्य होना था, उसी दिन बेटी की मौत की खबर आ गई।"

पिता ने कहा कि उनकी बेटी एक शिक्षित, संस्कारी और आत्मनिर्भर युवती थी। वह किसी भी प्रकार के नशे का विरोध करती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद जिस तरह शराब सेवन की बातें सामने लाई जा रही हैं, उससे उनकी बेटी की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "मेरी बेटी नशे के खिलाफ थी। आज उसकी मौत के बाद उसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"

मृतका के पिता का दावा है कि शादी के करीब एक माह बाद ही दामाद का व्यवहार बदलने लगा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। कई बार परिवार ने दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन हालात सामान्य नहीं हुए।

पिता ने आशंका जताई कि उनकी बेटी को मसूरी घूमाने के बहाने लाया गया और संभव है कि किसी पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ या अन्य दवा मिलाकर दी गई हो। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा संदेह है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है।

मृतका के पिता ने सबसे गंभीर सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए। उनका कहना है कि शिकायत देने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा, "मैं अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहा हूं। अगर पुलिस हमारी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं करती है तो हम आंदोलन करने को मजबूर होंगे।"

परिवार का आरोप है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज होना चाहिए था, लेकिन अब तक जांच की प्रक्रिया ही चल रही है। इससे परिवार में नाराजगी बढ़ रही है।

गौरतलब है कि राधा गायत्री अपने पति के साथ मसूरी-धनोल्टी मार्ग स्थित एक होमस्टे में ठहरी हुई थीं। सुबह वह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलीं। कमरे से खून के निशान, शराब की बोतलें और अन्य सामग्री मिलने के बाद मामला और उलझ गया।

पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच कराई गई है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में मौत के वास्तविक कारणों पर अभी भी रहस्य बना हुआ है।

 सीओ मसूरी जगदीश पंत ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर प्राप्त कर ली गई है। पुलिस सभी तथ्यों, साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।