मसूरी। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर मसूरी-देहरादून मार्ग पर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी वाले बैंड के पास भारी भूस्खलन के चलते सड़क का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे मार्ग संकरा हो गया और वाहनों के संचालन में दिक्कतें आने लगी हैं। सड़क के ऊपरी हिस्से में भी पहाड़ी दरकने से खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात के दौरान पानी वाले बैंड क्षेत्र में पहले भी सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। लंबे समय तक यहां यातायात प्रभावित रहा था और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। लोक निर्माण विभाग की ओर से पहाड़ की कटिंग कर सड़क को दोबारा तैयार किया गया, लेकिन लगातार बारिश के चलते क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है।
करीब 100 मीटर ऊपर से खिसका सड़क का हिस्सा
स्थानीय लोगों ने बताया कि मौजूदा क्षतिग्रस्त स्थान से करीब 100 मीटर ऊपर सड़क का एक हिस्सा भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे सड़क और अधिक संकरी हो गई है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो सड़क के और हिस्से के धंसने की आशंका जताई जा रही है। भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा आने और पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता और दहशत का माहौल है।
2025 की आपदा की याद से बढ़ी चिंता
पानी वाले बैंड क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि 15 सितंबर 2025 की आपदा के दौरान इस पूरे क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद भी यहां पहाड़ी लगातार संवेदनशील बनी हुई है। लोगों का कहना है कि केवल सड़क की मरम्मत करने के बजाय क्षेत्र का स्थायी ट्रीटमेंट किया जाना जरूरी है। स्थानीय लोगों ने सरकार और विशेषज्ञों से मांग की है कि पानी वाले बैंड को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए यहां वैज्ञानिक तरीके से पहाड़ी का ट्रीटमेंट, ड्रेनेज व्यवस्था और सड़क की सुरक्षा के लिए स्थायी कार्य कराया जाए, ताकि हर बरसात में सड़क बंद होने की स्थिति न बने।
मंत्री गणेश जोशी कर चुके हैं निरीक्षण
पानी वाले बैंड की संवेदनशीलता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी पूर्व में क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़क के हिस्से का तत्काल पुनर्निर्माण करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए थे।वहीं, मसूरी पुलिस को भी यातायात संचालन को लेकर विशेष योजना के तहत काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़क की स्थिति बिगड़ने की स्थिति में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात में सड़क की मरम्मत पर काम करने के बजाय अब इस क्षेत्र का स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है। विशेषज्ञों की निगरानी में पहाड़ी का भू-तकनीकी अध्ययन कराकर जल निकासी, सुरक्षा दीवार और अन्य जरूरी तकनीकी उपाय किए जाने चाहिए। लगातार बारिश के बीच जिस तरह पानी वाले बैंड पर सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, उससे मसूरी-देहरादून मार्ग की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों को अब प्रशासन से उम्मीद है कि स्थिति गंभीर होने से पहले प्रभावी कदम उठाकर सड़क और पहाड़ी को सुरक्षित किया जाएगा।

