बारिश का कहर, मसूरी-कैंपटी मार्ग कई जगह टूटा, रातभर मलबे से जूझती रहीं मशीनें; यमुनोत्री जाने वालों को विकासनगर मार्ग अपनाने की सलाह

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मसूरी, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने मसूरी और टिहरी जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी वर्षा के कारण मसूरी-कैंपटी मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि एनएच-707ए के वैकल्पिक मार्ग पर भी जगह-जगह पहाड़ियों से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। हालात इतने गंभीर रहे कि रातभर जेसीबी मशीनें सड़क खोलने में जुटी रहीं, लेकिन लगातार भूस्खलन के कारण राहत कार्य भी प्रभावित होता रहा। सबसे अधिक नुकसान जीवन आश्रम से मसूरी बैंड के बीच देखने को मिला, जहां सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। टिहरी गढ़वाल पुलिस ने इस मार्ग को फिलहाल यातायात के लिए अत्यंत असुरक्षित बताते हुए लोगों और विशेष रूप से चारधाम यात्रा पर यमुनोत्री जाने वाले श्रद्धालुओं से इस मार्ग का उपयोग न करने की अपील की है। यात्रियों को अगले आदेश तक विकासनगर मार्ग से यात्रा करने की सलाह दी गई है। इधर, एनएच-707ए पर गस्ती बैंड के समीप बने वैकल्पिक मार्ग पर भी देर रात हुई भीषण बारिश के कारण कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें आ गईं। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियों ने जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग खोलने का प्रयास किया, लेकिन लगातार गिर रहे मलबे के कारण रात में सड़क पूरी तरह खोलना संभव नहीं हो सका। करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद मौसम में कुछ राहत मिलने पर सुबह फिर से राहत कार्य तेज किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर जेसीबी मशीनें लगाकर मलबा हटाने का कार्य जारी रहा। प्रशासन का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर मार्ग को चरणबद्ध तरीके से यातायात के लिए खोला जाएगा। कैम्पटी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र गुसाईं ने यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि पहाड़ी मार्गों पर अत्यधिक सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन व पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि खराब मौसम में जोखिम उठाकर यात्रा करना दुर्घटना का कारण बन सकता है। लगातार हो रही बारिश से मसूरी, कैंपटी, धनौल्टी और आसपास के क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों, पर्यटकों और चारधाम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने आपदा की स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में मशीनें और टीमें तैनात कर दी हैं तथा मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।