मसूरी। शहर में रसोई गैस की किल्लत को लेकर गुरुवार को मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले व्यापारियों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। संगठन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने इंडियन गैस एजेंसी के बाहर जोरदार नारेबाजी करते हुए एजेंसी प्रबंधक प्रदीप सती पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध कराए जाने के बावजूद मसूरी में उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल रही है। आरोप लगाया गया कि एजेंसी स्तर पर अनियमितता और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ता और छोटे व्यवसायी खासे परेशान हैं।
रजत अग्रवाल ने कहा कि “सरकार की ओर से गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन इंडियन गैस एजेंसी उपभोक्ताओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा, वहीं कमर्शियल गैस के नाम पर अनावश्यक कागजी कार्रवाई की जा रही है, जो पहले कभी नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है और कालाबाजारी के जरिए चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि छोटे ढाबा, रेस्टोरेंट और होटल संचालकों को गैस नहीं मिलने के कारण अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ रहे हैं। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान महामंत्री जगजीत कुकरेजा और कांशाध्यक्ष नाग्रेन्द्र उनियाल ने एजेंसी प्रबंधक प्रदीप सती पर “तानाशाही रवैया” अपनाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनने के बजाय उन्हें अनदेखा किया जा रहा है, जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारियों ने यह भी सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार द्वारा 70 प्रतिशत गैस कोटा उपलब्ध होने की बात कही जा रही है, तो मसूरी में गैस की किल्लत क्यों बनी हुई है। उन्होंने एजेंसी प्रबंधन से पारदर्शिता बरतने और आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सुचारु नहीं की गई और प्रबंधक को हटाने की मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर अतुल अग्रवाल, सलीम अहमद, अंजुम, सुनील रतूडी, सतीश ढौंडियाल, सुरेन्द्र राणा, भाग सिंह चौहान, मनोज अग्रवाल, अक्कू रोहिला, राजकुमार सहित कई लोग मौजूद थे।

