मसूरी वन प्रभाग क्षेत्र में वन भूमि से जुड़े मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बिना अनुमति किए जा रहे कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी है। प्रभागीय वनाधिकारी, मसूरी वन प्रभाग द्वारा देहरादून के जोहड़ी-जाखन मोटर मार्ग से सटे एक विवादित भूखंड पर अवैध रूप से विद्युत लाइन बिछाने और तारबाड़ (फेंसिंग) करने के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन अपराध दर्ज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति द्वारा वर्ष 2020 में अपनी निजी भूमि पर झाड़ी कटान और चारदीवारी/तारबाड़ निर्माण की अनुमति हेतु आवेदन किया गया था। यह भूमि देहरादून के राजपुर रेंज के अंतर्गत आरक्षित वन मालसी कक्ष संख्या-1 से सटी हुई है, जहां घने साल के वृक्ष और प्राकृतिक वन क्षेत्र मौजूद है। वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने 9 अक्टूबर 2025 को मौके का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित भूमि का स्वरूप वन जैसा है और यह आरक्षित वन क्षेत्र से सीधे जुड़ी हुई है। सभी सीमा स्तंभ सुरक्षित पाए गए और किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं मिला। वन विभाग ने 13 जनवरी 2026 को पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया था कि उक्त भूमि पर वन संरक्षण अधिनियम 1980 लागू होगा। ऐसे में बिना केंद्र सरकार की अनुमति के किसी भी प्रकार का गैर-वनिकी कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद 3 अप्रैल 2026 को सूचना मिली कि उक्त भूमि पर विद्युत विभाग द्वारा लाइन बिछाने और संबंधित व्यक्ति द्वारा फेंसिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। सूचना मिलते ही रायपुर रेंज की टीम मौके पर पहुंची और कार्य को तत्काल रुकवा दिया।बिना सक्षम अनुमति के कार्य कराने पर विद्युत विभाग, राजपुर शाखा के अवर अभियंता संबंधित व्यक्ति (अभिषेक वैश्य) के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 और वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत वन अपराध दर्ज किया गया है। डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि इस क्षेत्र की कुछ भूमि खसरा संख्या 434 सहित अन्य खसरा नंबरों का मामला उच्च न्यायालय नैनीताल में लंबित है। यह मामला रिट पिटिशन संख्या 1083/2022 (उत्तराखंड राज्य बनाम चंडी प्रसाद भट्ट आदि) के तहत विचाराधीन है। वन विभाग ने नवंबर 2022 में क्षेत्र के पेड़ों की गणना कराई थी। हाल ही में दोबारा सत्यापन कराया गया, जिसमें किसी भी प्रकार की अवैध कटान की पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग नेरू राजस्व विभाग और एमडीडीए को संयुक्त निगरानी के लिए पत्र भेजा है रायपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी को सतर्क निगरानी के निर्देश दिए हैं।

