डायमंड जुबिली पर खुशी सोनकर बनीं ‘मोस्ट प्रॉमिसिंग स्टूडेंट’, मसूरी पब्लिक स्कूल में प्रतिभाओं का सम्मान

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60 वें स्थापना दिवस पर छह दशक की गौरव गाथा का जश्न, अनिता पुरी मोहिंद्रा ने विद्यार्थियों को मेहनत और अनुशासन का दिया संदेश

मसूरी। छह दशक की शैक्षणिक यात्रा, उपलब्धियों और सुनहरी यादों का साक्षी बना मसूरी पब्लिक स्कूल का सभागार। कहीं विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया तो कहीं मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनकी मेहनत को सलाम किया गया। विद्यालय के 60वें स्थापना दिवस एवं डायमंड जुबिली समारोह में खुशी सोनकर को ‘मोस्ट प्रॉमिसिंग स्टूडेंट ऑफ द ईयर-2026’ के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। खुशी की इस उपलब्धि ने समारोह में विशेष आकर्षण जोड़ा।गुरुवार को आयोजित समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि वैज्ञानिक ‘जी’ एवं अधिष्ठाता (शैक्षणिक), आईटीएम, डीआरडीओ मसूरी सुश्री अनिता पुरी मोहिंद्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यालय की छह दशकों की गौरवशाली यात्रा, शैक्षणिक उपलब्धियों और समृद्ध परंपराओं को याद किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रितिका जाखड़, आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट अरविंद चमोली, सीजेएम हैम्पटन कोर्ट की प्रधानाचार्य सिस्टर आइवी, सेंट क्लेयर्स की प्रधानाचार्य प्रेमा सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
खुशी सोनकर को मिला खास सम्मान, विद्यार्थियों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक
पुरस्कार वितरण समारोह में खुशी सोनकर को वर्ष 2026 की सबसे होनहार छात्रा के सम्मान से नवाजा गया। वहीं नादिर आजम को ‘एकेडमिक पर्सिवियरर ऑफ द ईयर’ और आदित्य रावत को ‘मोस्ट प्रॉमिसिंग प्लेयर ऑफ द ईयर’ का पुरस्कार प्रदान किया गया। संस्कार कुमार और प्रिंस को ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ के प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया गया, जबकि शोएबा को प्रधानाचार्य प्रशस्ति पुरस्कार मिला। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में आईएससी विज्ञान वर्ग में सिद्धार्थ पुंडीर ने 93 और मोहम्मद फरमान ने 92.3 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वाणिज्य वर्ग में तनमय वर्मा ने 88.5 तथा मानविकी वर्ग में तपस्वी ने 87 प्रतिशत अंक हासिल किए। आईसीएसई वाणिज्य वर्ग में अक्षत राणा को 88 प्रतिशत अंकों के लिए सम्मानित किया गया। दक्ष नौटियाल को 92.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
नाटक, लोक संस्कृति और योग प्रदर्शन ने बांधा समां
समारोह के पहले चरण में विद्यार्थियों ने पीटी और योग प्रदर्शन के माध्यम से शारीरिक दक्षता और अनुशासन का परिचय दिया। कला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और कल्पनाशीलता देखने को मिली। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में ‘द इनक्रेडिबल्स’, ‘तेनालीराम इन द 21वीं सेंचुरी’ और हिंदी नाटक ‘जामुन का पेड़’ ने दर्शकों का मनोरंजन किया। विद्यालय बैंड की प्रस्तुति और ‘रूट्स एंड रिदम्स-फोक फ्यूजन’ ने समारोह में लोक संस्कृति और आधुनिक संगीत का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अक्षत सजवाण को सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी, निशा पंवार को सर्वश्रेष्ठ थ्रो बॉल खिलाड़ी और गौरव पंवार को सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर का पुरस्कार दिया गया। अर्णव गोयल को सर्वश्रेष्ठ कंप्यूटर दक्ष विद्यार्थी, सार्थक वर्मा को सर्वश्रेष्ठ मंच कलाकार और लक्ष्य कुमार को सर्वाधिक सहयोगी विद्यार्थी के सम्मान से नवाजा गया।
राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियों के लिए रियान्श सिंह को उनकी पुस्तक ‘द एलिमेंटल हीरोज’ के प्रकाशन और राष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन पुस्तक लेखन महोत्सव में प्रतिभागिता पर सम्मानित किया गया। प्रिंस सिंह को सीआईएससीई राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने पर प्रमाणपत्र दिया गया। हाउस गतिविधियों में धर्मा सदन को शैक्षणिक क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ सदन तथा ज्वाला सदन को खेलों में सर्वश्रेष्ठ सदन और कॉक हाउस ट्रॉफी प्रदान की गई।
मेहनत, अनुशासन और रचनात्मकता ही सफलता की कुंजी
मुख्य अतिथि अनिता पुरी मोहिंद्रा ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना भी है। उन्होंने विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
प्रधानाचार्य विशाल सिंह ने अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय की 60 वर्षों की उपलब्धियां सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं। उन्होंने विद्यालय की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया। डायमंड जुबली समारोह विद्यार्थियों की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और विद्यालय की छह दशक लंबी शैक्षणिक यात्रा का उत्सव बनकर संपन्न हुआ।